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THE BROTHERS' CLASH AND THE PROPOSAL (भाइयों की जंग और शादी का फैसला)

नीचे का धमाका पूरे विला को हिला गया था, लेकिन नीरो के चेहरे पर खौफ का एक तिनका भी नहीं था। उसकी नीली आँखों में सिर्फ एक , खूँखार चमक थी।

बेड पर लियो का बदन रात के उस समर्पण के बाद थका हुआ था। उसकी छाती और पसलियों पर नीरो के होठों, दाँतों और उंगलियों के लाल-बैंगनी निशान किसी मुहर की तरह साफ दिख रहे थे। हाथ में नीरो द्वारा थमाई गई भारी पिस्टल की ठंडक लियो की हथेलियों को छू रही थी।

नीरो ने लियो की तरफ एक आखिरी तीखी, मालिकाना नज़र डाली।

"यहाँ से हिलना मत, लियो," नीरो की खुरदरी फुसफुसाहट कमरे के सन्नाटे में तैर गई। "जब तक मैं वापस न आऊँ, यह कमरा तुम्हारा पिंजरा है... और तुम मेरे।"

नीरो ने शर्ट के बटन खुले छोड़े, अपनी दूसरी गन को कॉक किया और लंबे-लंबे कदमों से कमरे का भारी दरवाज़ा खोलकर बाहर निकल गया। दरवाज़ा फिर से बाहर से लॉक होने की भारी आवाज़ गूँजी।

लियो बेड पर अकेला रह गया। उसकी सांसें उखड़ी हुई थीं। हाथ में पकड़ी पिस्टल का वजन उसे अहसास दिला रहा था कि बाहर एक खूनी बवंडर शुरू हो चुका था।

"लिली..." लियो ने फुसफुसाया। उसकी बहन अभी भी इस महल में डांटे के कब्ज़े में थी। लियो ने अपने कांपते पैरों को गद्दे से नीचे उतारा। शरीर के निचले हिस्से में नीरो के उस सख्त, बेपरवाह जुनून का तीखा दर्द अब भी उठ रहा था, लेकिन लियो ने अपने दाँत पीसते हुए खुद को संभाला। उसने फर्श पर पड़ी अपनी कपड़ों की तरफ देखा—नीरो ने उसकी हूडि फाड़ दी थी। लियो ने अलमारी से एक ढीली ब्लैक टी-शर्ट और पैंट निकाली, जल्दी से पहनी और दरवाज़े की तरफ बढ़ा।

वह नीरो का इंतज़ार करके अपनी बहन को यहाँ मरने या डांटे का खिलौना बनने नहीं दे सकता था। उसे इस कमरे से बाहर निकलने का रास्ता ढूँढना ही था।

नीचे ग्राउंड फ्लोर पर गोलियों के चलने और आदमियों के चिल्लाने की आवाज़ें गूँज रही थीं। रूसी माफिया के बचे हुए शूटरों और कारुसो के बॉडीगार्ड्स के बीच बाहर अहाते में गोलीबारी चल रही थी। पूरा विला धुएँ और बारूद की गंध से भरने लगा था।

नीरो सीढ़ियों से उतरता हुआ सीधे डांटे कारुसो के स्टडी रूम की तरफ बढ़ा।

उसके चेहरे पर कोई घबराहट नहीं थी, बल्कि एक बहुत ही ठंडी, साइको मुस्कान थी। डांटे के दो खास गार्ड्स ने स्टडी रूम के दरवाज़े पर नीरो का रास्ता रोकने की कोशिश की, लेकिन नीरो ने बिना एक पल गंवाए अपनी पिस्टल से दोनों के पैरों के पास गोलियाँ चला दीं।

ठाँ! ठाँ!

गार्ड्स दर्द से कराहते हुए पीछे हट गए। नीरो ने अपने बूट से धक्का देकर स्टडी रूम का भारी दरवाज़ा पूरी ताकत से खोल दिया।

अंदर का माहौल पूरी तरह से शांत था—बाहर के बारूद और शोर से बिल्कुल अलग।

कमरे की विशाल डेस्क के पीछे डांटे कारुसो अपनी ऊंची, लेदर की कुर्सी पर बहुत ही सुकून से बैठा हुआ था। उसने ब्लैक अरमानी का थ्री-पीस सूट पहन रखा था। उसकी कलाई पर रोलेक्स चमक रही थी और उसके एक हाथ में जलती हुई महंगी सिगार थी, जिसका धुआं कमरे की छत की तरफ छल्ले बना रहा था।

डांटे के चेहरे पर वही बर्फ जैसा ठंडा सन्नाटा था—वही सन्नाटा जिसने उसे पूरे शिकागो अंडरवर्ल्ड का सबसे खूँखार डॉन बनाया था।

"तुमने मेरे आदमियों को सीढ़ियों पर गोली मारी, नीरो?" डांटे ने अपनी सिगार से ऐश गिराते हुए बेहद भारी, कड़क आवाज़ में पूछा।

नीरो ने दरवाज़ा पीछे से धक्का देकर बंद कर दिया। वह अपनी पिस्टल को बहुत बेपरवाही से अपनी उंगलियों में घुमाता हुआ डेस्क के सामने आकर खड़ा हो गया। नीरो की शर्ट के बटन खुले थे, गले का काला गुलाब वाला टैटू साफ़ दिख रहा था और उसकी छाती पर रात के उस जुनून के बाद लियो के नाखूनों के खरोंच के निशान साफ़ दिख रहे थे।

"वे मेरा रास्ता रोक रहे थे, डांटे," नीरो ने अपनी शातिर मुस्कान के साथ कहा। "और तुम जानते हो कि जो मेरे और मेरे शिकार के बीच आता है, उसका क्या हश्र होता है।"

डांटे ने अपनी काली, जम देने वाली आँखें उठाईं। उसकी नज़र सीधे नीरो के सीने पर मौजूद उन खरोंचों पर गई। डांटे ने एक गहरी, ठंडी सांस ली और सिगार को ऐशट्रे में मसल दिया।

"शिकार?" डांटे की आवाज़ और ज़्यादा भारी हो गई। "तुम कब तक उसे इस हालत में रखने वाले हो, नीरो?"

नीरो के चेहरे की शैतानी मुस्कान एक पल के लिए थमी। उसने अपनी आँखें सिकोड़ीं। "क्या मतलब?"

डांटे अपनी कुर्सी से धीरे से खड़ा हुआ। उसकी विशाल पर्सनैलिटी स्टडी रूम के सन्नाटे पर हावी होने लगी। उसने अपने दोनों हाथ टेबल पर टिकाए और नीरो की आँखों में आँखें डालकर देखा।

"मैं लियो की बात कर रहा हूँ," डांटे ने बहुत ही नपी-तुली, कड़क आवाज़ में कहा। "तुम रात भर उसे बेसमेंट से लेकर अपने बिस्तर तक मसलते रहते हो। उसकी बहन मेरी हिफ़ाज़त में है, और वह लड़का तुम्हारे इस वहशी जुनून की वजह से हर दिन पल-पल टूट रहा है। विला के गार्ड्स बातें कर रहे हैं, अंडरवर्ल्ड के लोग तुम्हारे इस पागलपन पर हँस रहे हैं।"

नीरो ने आगे बढ़कर अपने दोनों हाथ डेस्क पर जमा दिए। दोनों भाइयों के बीच केवल दो फीट की दूरी बची थी।

"गार्ड्स की ज़ुबान काटना मुझे अच्छी तरह आता है, डांटे," नीरो गुर्राया, उसकी नीली आँखों में आग सुलगने लगी। "और लियो मेरा है! उसके साथ मैं क्या करता हूँ, कैसे रखता हूँ—यह तय करने वाले तुम कौन होते हो?"

"मैं कारुसो फैमिली का हेड हूँ," डांटे की आवाज़ बिजली की कड़कड़ाहट की तरह गूँजी। उसने सीधे नीरो के चेहरे के सामने अपनी उंगली उठाई। "अगर तुम उसे अपनी ज़िंदगी में हमेशा के लिए रखना ही चाहते हो... अगर तुम्हारा यह वहशीपन सिर्फ एक रात की हवस नहीं है... तो उससे शादी कर लो! उसे इस साम्राज्य का डोनर (Donor/Consort) बनाओ!"

सन्नाटा।

स्टडी रूम के अंदर की हवा जैसे पल भर के लिए जम गई।

नीरो कारुसो—जो किसी भी कायदे, कानून या रिश्ते को नहीं मानता था—वह डांटे के इस शब्द पर पल भर के लिए स्तब्ध रह गया।

"शादी?" नीरो ने एक अविश्वास भरी, कड़वी हंसी हंसी। "डांटे, तुम पागल हो गए हो? मैं नीरो कारुसो हूँ! मैं कब्ज़ा करता हूँ, मैं गुलाम बनाता हूँ! मैं किसी से शादी के कागज़ात पर दस्तखत करके अपनी आज़ादी नहीं बेचता!"

"यह आज़ादी बेचने की बात नहीं है, बेवकूफ!" डांटे चिल्लाया, उसकी कड़क आवाज़ से कमरे के कांच के बर्तन थरथरा उठे। "अगर तुम उसे सिर्फ एक कैदी बनाकर रखोगे, तो वह पहली फुर्सत में तुम्हें पीठ में छुरा घोंपेगा या खुद को मार लेगा। लेकिन अगर तुम उसे इस साम्राज्य का डोनर बनाते हो, तो वह हमेशा के लिए कानूनन, सामाजिक रूप से और कारुसो नाम के साथ तुम्हारा हो जाएगा! उसकी बहन लिली हमेशा के लिए इस विला में मेरी रानी बनकर रहेगी, और लियो तुम्हारा पार्टनर बनकर।"

डांटे ने अपनी जेब से एक बहुत ही कीमती, डार्क वेलवेट का छोटा सा बॉक्स निकाला और उसे भारी आवाज़ के साथ डेस्क पर पटक दिया।

बॉक्स खुल गया। अंदर एक बेहद खूबसूरत, वाइट गोल्ड और प्लैटिनम की अंगूठी चमक रही थी, जिसके बीच में एक बहुत ही नायाब, काला हीरा जड़ा हुआ था।

"यह कारुसो खानदान की डोनर रिंग है," डांटे ने ठंडी आवाज़ में कहा। "फैसला तुम्हारा है, नीरो। या तो आज रात उसे यह अंगूठी पहनाकर हमेशा के लिए अपना अधिकृत जीवनसाथी बना लो... या फिर उसे छोड़ दो और उसे इस विला से जाने दो।"

नीरो ने उस काले हीरे की अंगूठी को देखा। उसकी नीली आँखों में एक अजीब सा, अनहिंज्ड पागलपन और गहराता चला गया।

लियो को हमेशा के लिए अपना बनाना? उसे एक ऐसी ज़ंजीर में बाँध देना जिससे वह कभी चाहकर भी न छूट सके? यह विचार नीरो के दिमाग में किसी मीठे ज़हर की तरह फैलने लगा।

"और अगर लियो ने मना किया तो?" नीरो ने एक डरावनी, जादुई फुसफुसाहट में पूछा।

डांटे ने एक बहुत ही क्रूर मुस्कान के साथ कहा, "तो तुम नीरो कारुसो हो। तुम्हें अच्छी तरह पता है कि अपनी बात कैसे मनवाई जाती है।

उसी वक्त, दूसरे फ्लोर पर लियो का दिल तेज़ी से धड़क रहा था।

लियो ने पिस्तौल के बट का इस्तेमाल करके कमरे के भारी दरवाज़े के लॉक पर अंदर से बार-बार वार करना शुरू किया।

ठक! ठक! ठक!

नीरो ने सुबह की अफरा-तफरी में लॉक को जल्दी में बंद किया था। चौथे वार के साथ ही ताले की अंदरूनी कुंडी चरमराकर टूट गई। दरवाज़ा हल्का सा खुला।

लियो ने तुरंत पिस्तौल अपनी कमर में खोसी और दरवाज़े से बाहर गलियारे में निकला। गलियारा खाली था—सभी गार्ड्स नीचे रूसी शूटरों से निपटने और डांटे के आदेशों का पालन करने में लगे थे।

लियो दबे पाँव लिली के कमरे की तरफ भागा।

"लिली!" लियो ने दरवाज़ा खोलकर फुसफुसाया।

अंदर लिली खिड़की के पास डरी हुई बैठी थी। अपने भाई को देखते ही उसकी आँखों में उम्मीद की चमक आ गई। वह भागकर लियो के गले से लग गई।

"लियो! बाहर बहुत गोलियाँ चल रही हैं! मुझे बहुत डर लग रहा है!" लिली रोने लगी।

"रो मत, लिली," लियो ने अपनी बहन के आंसू पोंछे। उसकी आवाज़ में एक पक्की कसम थी। "हम यही मौका देखकर निकल रहे हैं। डांटे और नीरो नीचे उलझे हुए हैं। विला के पीछे का सर्वेंट एग्जिट शायद खाली हो।"

लियो ने लिली का हाथ कसकर पकड़ा। दोनों भाई-बहन गलियारे से होते हुए पीछे की सीढ़ियों की तरफ भागने लगे। लियो के शरीर का हर एक हिस्सा दर्द कर रहा था—रात का वह अहसास उसके हर कदम के साथ कसक पैदा कर रहा था, लेकिन अपनी बहन की आज़ादी के लिए वह इस दर्द को बर्दाश्त कर रहा था।

वे ग्राउंड फ्लोर के पीछे के दरवाज़े तक पहुँच भी गए थे। बाहर केवल पचास यार्ड की दूरी पर कारुसो का बैक-गेट था, जिसके पार जंगल और खुली सड़क थी। आज़ादी सिर्फ कुछ कदमों की दूरी पर थी!

लिली ने रोते हुए मुस्कराकर कहा, "लियो! हम बाहर पहुँच गए!"

लेकिन... किस्मत को कुछ और ही मंज़ूर था।

क्लिक!

एक ठंडी, भारी मेटल की नली सीधे लियो के माथे के ठीक बीचों-बीच आ टिकी।

लियो के कदम वहीं जम गए। लिली की चीख निकल गई।

सामने खड़ा था नीरो कारुसो।

नीरो के पीछे डांटे कारुसो भी अपनी शांत, भारी चाल से चलता हुआ आकर खड़ा हो गया। डांटे के बॉडीगार्ड्स ने तुरंत लिली और लियो को चारों तरफ से घेर लिया।

लियो की सांसें अटक गईं। उसने नीरो की आँखों में देखा—वहाँ न तो गुस्सा था और न ही कोई हैरानी। वहाँ सिर्फ एक बहुत ही गहरा, मालिक वाला नशा था।

"तुमने सचमुच भागने की कोशिश की, मेरे स्टैलियन?" नीरो ने बहुत ही धीमी, मखमली आवाज़ में कहा। उसकी पिस्टल अभी भी लियो के माथे से सटी हुई थी।

"छोड़ दो हमें, नीरो!" लियो दाँत पीसते हुए चिल्लाया। उसने अपनी कमर से पिस्टल निकालने की कोशिश की, लेकिन नीरो ने एक ही झटके में लियो की कलाई को मरोड़ दिया। पिस्तौल फर्श पर गिर पड़ी।

अहह! लियो दर्द से दोहरा हो गया।

नीरो ने लियो का हाथ नहीं छोड़ा। इसके बजाय, नीरो ने लियो को अपनी तरफ खींचा और उसे अपने सीने से पूरी तरह सटा लिया।

डांटे पीछे खड़ा होकर चुपचाप यह सब देख रहा था। डांटे ने लिली का हाथ बहुत ही नरमी से पकड़ा और उसे पीछे खींच लिया।

"लिली, शांत रहो," डांटे ने लिली के सिर पर हाथ रखते हुए कहा। "तुम्हारे भाई का फैसला अब होने वाला है।"

नीरो ने अपनी जेब से वह डार्क वेलवेट का बॉक्स निकाला। उसने अपने दाँतों से बॉक्स का ढक्कन खोला और अंदर चमकती हुई वह काले हीरे की अंगूठी बाहर निकाली।

लियो की आँखें फैल गईं। "यह... यह क्या है?"

नीरो ने लियो का बायाँ हाथ अपनी सख्त गिरफ्त में लिया। नीरो ने अपनी नीली पुतलियों को सीधे लियो की कांपती हुई आँखों में गाड़ दिया।

"डांटे चाहता था कि मैं तुम्हें आज़ाद कर दूँ या तुम्हें अपना बना लूँ," नीरो की खुरदरी, डरावनी आवाज़ गूँजी। "और मैंने चुना कि तुम मरते दम तक सिर्फ और सिर्फ नीरो कारुसो के रहोगे।"

नीरो ने बिना लियो की मर्जी का इंतज़ार किए, उस काले हीरे की अंगूठी को लियो की (Ring Finger) में पूरी ताकत से पहना दिया। अंगूठी लियो की उंगली में बिल्कुल फिट बैठ गई—ऐसी फिट कि अब उसे बिना काटे निकालना नामुमकिन था।

"यह क्या किया तुमने?!" लियो सदमे में चिल्लाया। उसने अपनी उंगली से अंगूठी खींचने की कोशिश की, लेकिन नीरो ने उसकी ठुड्डी को कसकर अपने हाथ में भींच लिया।

"बधाई हो, लियो," नीरो के होठों पर एक बहुत ही शैतानी, खूँखार और पजेसिव मुस्कान उभरी। "अब तुम शिकागो अंडरवर्ल्ड के सबसे खूँखार शैतान के 'डोनर' (पति) बन चुके हो।"

लिली सदमे से अपने हाथ अपने मुंह पर रखे खड़ी रही। डांटे के चेहरे पर एक ठंडी, संतोष भरी मुस्कान आई।

लियो अपनी उंगली में चमकती उस काली अंगूठी को देखता रह गया। वह भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन नीरो ने उसे एक ऐसी ज़ंजीर में बाँध दिया था जिससे अब पूरे अंडरवर्ल्ड का कोई भी कानून उसे अलग नहीं कर सकता था।

नीरो ने लियो को अपनी बाहों में उठाया और उसे वापस अपने कमरे की तरफ ले जाने लगा...

🎬 NEXT CHAPTER TEASER (अगले अध्याय की झलक):

अगले भाग में, शादी (डोनर सेरेमनी) की पहली रात नीरो लियो को अपने इस नए रिश्ते का अहसास कराने के लिए एक बेहद 'khas' रस्म निभाएगा।

दूसरी तरफ, डांटे लिली को हमेशा के लिए अपने वजूद में शामिल करने के लिए अपना असली, खौफनाक रूप दिखाएगा। क्या लियो इस नए रिश्ते को स्वीकार करेगा, या यह शादी कारुसो साम्राज्य को पूरी तरह जलाकर राख कर देगी?

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✍️ Writing stories, chasing dreams.