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SUITE 404: THE BEGINNING

सिंघानिया इंडस्ट्रीज का ग्‍लास टावर रात के सन्नाटे में भी चमक रहा था। सत्तरवें माले के पेंटहाउस ऑफिस में सन्नाटा इतना गहरा था कि घड़ी की हर टिक-टिक किसी हथौड़े की तरह गूंज रही थी।

यशवर्धन सिंघानिया—शहर का सबसे निर्दयी, अभिमानी और अजेय बिज़नेस टाइकून। उसके लिए दुनिया एक शतरंज की बिसात थी, जहाँ हर इंसान या तो उसका मोहरा था या उसका मोहरा बनने की कतार में खड़ा था। उसकी काली आँखों में न तो कोई दया थी और न ही कोई थकान।

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“Shadow Queen”.

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✍️ Writing stories, chasing dreams.