बेसमेंट की दीवारों पर लगी पीली लाइटें अब मद्धम हो चुकी थीं। नीरो के उस धीमे, ज़हरीले और गहरे चुंबन की गूंज अभी भी लियो के ज़हन में किसी हथौड़े की तरह बज रही थी। नीरो उठकर कमरे के बीचों-बीच खड़ा हो गया, उसकी शर्ट के खुले बटन और आँखों में तैरती वो शातिर, अनहिंज्ड संतुष्टि साफ़ बता रही थी कि वह लियो के वजूद को किस कदर अपने कब्ज़े में ले चुका है।
लियो बेड पर उसी तरह अर्ध-नग्न अवस्था में लेटा रहा, उसकी सांसें धौंकनी की तरह चल रही थीं। उसकी छाती पर बने वे बैंगनी और लाल निशान, जो नीरो की पिछली रात की वाइल्ड और पैशनेट सकिंग का नतीजा थे, अब नीरो की इस ताज़ा छुअन के बाद और ज़्यादा लाल होकर सुलगने लगे थे।

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